...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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हकीकत
उजागर न होने दिया हमने उजागर न करने के ऐब से, वाकिफ बहुत खूब थे हम, तुम्हारे छल और फरेब से।
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ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य मे...

बहुत बढ़िया!
ReplyDeleteकल के चर्चा मंच पर भी इसे ले लिया है!
आदत से मजबूर..
ReplyDeleteबढ़िया, साधुवाद !!
ReplyDelete2014 की तैयारी कर रहे हैं ऐसा कहने वाले, क्योंकि आगे चलकर इससे भी बडी ऐतिहासिक 'जीत' होने वाली है ना
ReplyDeleteHabits get married after 20 years of age. Poor chap is shouting under 'conditioned-reflex'.
ReplyDeletehahahaha
ReplyDeleteखुश रहने को ग़ालिब ख्याल अच्छा है ...
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