उनको देखकर कुछ न भाया,
सहज थे,असहज से भा गए,
नूर चेहरे का तो तब छलका,
महफ़िल में जब तुम आ गए।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
मैंने ख्वाब देखा था, ख्वाहिश अधूरी रही, चाटने वाले चाट गए, प्लेट साफ पूरी रही।
वाह
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