
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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वाजिब सवाल !
सवाल ये नहीं है कि जवानी में हम क्यों जीने मरने की कसमें खाते हैं, सवाल ये है कि साठ के बाद ही क्यों 'परचेत',दर्द भरे गीत पसंद आते ह...
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
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देशवासियों तुम हमें सत्ता देंगे तो हम तुम्हें गुजारा भत्ता देंगे। सारे भूखे-नंगों की जमात को, बिजली-पानी, कपड़ा-लत्ता देंगे। ...
बॉल नहीं मिलेगी तो मैच बंद हो जाएगा। छक्का धीरे से बाऊंड्री पार करो।
ReplyDeleteकोर्ट कार्यशील।
ReplyDeleteये हुई ना कोई बात.:)
ReplyDeleteरामराम.
सही है सर!....:)
ReplyDeleteसही मारा है , छक्का ।
ReplyDeleteअपनी ही छाया से छेड़्छाड.... बुरी बात:)
ReplyDeleteहा हाआआआआआआआआआआ:)
ReplyDeleteबढ़िया रहा छक्का!
ReplyDelete.....
ReplyDeleteदे जमाके..
ReplyDeleteआपका कार्टून असर कर गया थोमस सा :को आपके छाक्के ने बौंडरी से बाहर कर ही दिया.
ReplyDeleteदे घुमा के....
ReplyDeleteसन्नाट...
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