...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
चटोरों की....
मैंने ख्वाब देखा था, ख्वाहिश अधूरी रही, चाटने वाले चाट गए, प्लेट साफ पूरी रही।
-
नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
-
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
-
तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य मे...
साबुन की चमकार सफेदी लाये धारदार.
ReplyDeleteवाह!
ReplyDeleteकार्टून बहुत गहरे. अर्थ रखता है
बढ़िया कार्टून!
ReplyDeleteऒए मन भाग... जल्दी.. होर तेज कर ना... वो देख बाबा राम देव पीछे पड गया हेंगा
ReplyDeleteबहुत सटीक आईडिया आया है आपको भी.:) बेचारे बुरे फ़ंस गये.
ReplyDeleteरामराम
बहुत अच्छा लगा यह कार्टून.a
ReplyDeleteबहुत बढ़िया बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया
ReplyDelete