दस्तूर

जिंदगीभर पकते रहे यह सुनते-सुनते

कि नेगेटिव नहीं हमेशा पौजेटिव सोचो,

काश कि जमाने को अस्पताल का 

यह दस्तूर भी पता होता कि 

नेगेटिव आए तो सही, 

पौजेटिव मतलब जेब पर डाका।

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