यूं भी बावफा होते है लोग !
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !

सबकी राय आवश्यक है..यह सबकी कौन है?
ReplyDeleteGood one ... :))
ReplyDeleteमेरी नयी पोस्ट पर आपका स्वागत है
http://rohitasghorela.blogspot.com/2012/11/3.html
:-) विमर्श जरूरी है ....
ReplyDeleteविमर्श जरूरी है | चाहे अमल में लाया जाये या न |
ReplyDeleteटिप्स हिंदी में : कोई तो बता दे मेरी पहचान क्या है ?
Good satellite picture of the meeting.
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