...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
नाती-पोता नेहरू, कर्ता धर्ता *शेख |अब्दुल्ला के ब्याह में, दीवाना ले देख |दीवाना ले देख, मरे कश्मीरी पंडित |निर्बल बिन हथियार, जवानो के सिर खंडित |डंडे से गर मोह, संघ को भेजो पाती |वह *मोहन तैयार, करो रविकर तैनाती || *भागवत
आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति मंगलवारीय चर्चा मंच पर ।।
Zabardast :-)
बिल्कुल सटीक व्यंग है.रामराम.
सटीक कटाक्ष किया है !!
ऐसा हो जाये तो फिर बात ही क्या है.
बहुत ही सटीक व्यंग,आभार.
अबे, पहले तो ये बता तू है कौन? तुम जैसों के मुंह लगना मेरा चस्का नहीं, मेरी तो बीवी से भी बिगड़ी पड़ी है, चल हट, मुझे सम्हालना तेरे बस का न...
नाती-पोता नेहरू, कर्ता धर्ता *शेख |
ReplyDeleteअब्दुल्ला के ब्याह में, दीवाना ले देख |
दीवाना ले देख, मरे कश्मीरी पंडित |
निर्बल बिन हथियार, जवानो के सिर खंडित |
डंडे से गर मोह, संघ को भेजो पाती |
वह *मोहन तैयार, करो रविकर तैनाती ||
*भागवत
आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति मंगलवारीय चर्चा मंच पर ।।
ReplyDeleteZabardast :-)
ReplyDeleteबिल्कुल सटीक व्यंग है.
ReplyDeleteरामराम.
सटीक कटाक्ष किया है !!
ReplyDeleteऐसा हो जाये तो फिर बात ही क्या है.
ReplyDeleteबहुत ही सटीक व्यंग,आभार.
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