...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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एहसास !
थप्पड खाकर वो 'डिस' उनकी यूं, थोड़ी हमने भी चख दी थी, बस, ग़लती यही रही हमारी कि दुखती रग पर उंगली रख दी थी।
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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देशवासियों तुम हमें सत्ता देंगे तो हम तुम्हें गुजारा भत्ता देंगे। सारे भूखे-नंगों की जमात को, बिजली-पानी, कपड़ा-लत्ता देंगे। ...
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स्कूटर और उनकी पत्नी स्कूटी शहर के उत्तरी हिस्से में सरकारी आवास संस्था द्वारा निम्न आय वर्ग के लोगो के लिए ख़ासतौर पर निर्म...

यही दर तो साथ देने पर मजबूर करता है ॥सब एक ही थैले के चट्टे बट्टे हैं ।
ReplyDeleteमैं तुझे डराऊं, तू मुझे डराये
ReplyDeleteजिसकी बारी आये, दांव दे जाये
ईमानदार राजनेता हैं हम तो ताऊ
कभी अपनों को दगा नही देते भाऊ
रामराम
छापा करुना पर पड़ा, ममता थी निर्दोष ।
ReplyDeleteमहाठगिन माया ठगी, हृदय मुलायम तोष ।
हृदय मुलायम तोष, बड़ा मोहन मन सच्चा ।
छोड़ हमें जो जाय, उड़ा देते परखच्चा ।
सी बी आय संकेत, खो रही सत्ता आपा ।
टला बहुत स्टालिन, आज पड़ जाता छापा ॥
लोग पहले से समझते ही नहीं हैं..
ReplyDeleteबढ़िया है ,महोदय....
ReplyDeleteसाभार...
साथ तो छोड़ना ही नही चाहिए
ReplyDeleteये तो होना ही था ...
ReplyDeleteसी बी आई मेरी जेब में जो रहती है ...