टली वापसी सिरों की, पाक-जियारत पूर । मछुवारों के मौत का, अभी फैसला दूर । अभी फैसला दूर, मिली नहिं चॉपर फ़ाइल । कातिल गए स्वदेश, फंसा इक और मिसाइल । भेजे सुप्रिम-कोर्ट, देखिये बढ़ी बेबसी । कातिल नातेदार, नहीं देगा अब इटली ॥
ऐसा कुछ भी ख़ास है नहीं बताने को, अपने बारे में ! बस, यों समझ लीजिये कि गुमनामी के अंधेरो में ही आधी से अधिक उम्र गुजार दी !हाँ, अपनी बात कुछ भगत सिंह जी के अंदाज में इस तरह कहूंगा ;
इन बिगड़े दिमागों में, ख्वाबों के कुछ लच्छे हैं,
हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं।
साभार,
गोदियाल
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regards,
Godiyal
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10 Comments:
टली वापसी सिरों की, पाक-जियारत पूर ।
मछुवारों के मौत का, अभी फैसला दूर ।
अभी फैसला दूर, मिली नहिं चॉपर फ़ाइल ।
कातिल गए स्वदेश, फंसा इक और मिसाइल ।
भेजे सुप्रिम-कोर्ट, देखिये बढ़ी बेबसी ।
कातिल नातेदार, नहीं देगा अब इटली ॥
टिली-लिली टिल्ला टिका, टिल्ले बड़ा नवीस ।
इटली के व्यवहार पर, फिर से निकली खीस ।
टिली-लिली = अंगूठा दिखाना
टिल्ला= धक्का
टिल्ले-नवीस = बहाने बाजी
सहन न करें, वहन करें।
यह सलाह बिल्कुल नेक है.
रामराम.
यह रिश्तेदारी तो भारी पड़ती जा रही है !!
आपकी इस उत्कृष्ट पोस्ट की चर्चा बुधवार (13-03-13) के चर्चा मंच पर भी है | जरूर पधारें |
सूचनार्थ |
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नेक सलाह !
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