यूं भी बावफा होते है लोग !
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !

टली वापसी सिरों की, पाक-जियारत पूर ।
ReplyDeleteमछुवारों के मौत का, अभी फैसला दूर ।
अभी फैसला दूर, मिली नहिं चॉपर फ़ाइल ।
कातिल गए स्वदेश, फंसा इक और मिसाइल ।
भेजे सुप्रिम-कोर्ट, देखिये बढ़ी बेबसी ।
कातिल नातेदार, नहीं देगा अब इटली ॥
टिली-लिली टिल्ला टिका, टिल्ले बड़ा नवीस ।
ReplyDeleteइटली के व्यवहार पर, फिर से निकली खीस ।
टिली-लिली = अंगूठा दिखाना
टिल्ला= धक्का
टिल्ले-नवीस = बहाने बाजी
सहन न करें, वहन करें।
ReplyDeleteयह सलाह बिल्कुल नेक है.
ReplyDeleteरामराम.
यह रिश्तेदारी तो भारी पड़ती जा रही है !!
ReplyDeleteआपकी इस उत्कृष्ट पोस्ट की चर्चा बुधवार (13-03-13) के चर्चा मंच पर भी है | जरूर पधारें |
ReplyDeleteसूचनार्थ |
सादर जन सधारण सुचना
ReplyDeleteसाहित्य के नाम की लड़ाई (क्या आप हमारे साथ हैं )साहित्य के नाम की लड़ाई (क्या आप हमारे साथ हैं )
ReplyDeleteसादर जन सधारण सुचना आपके सहयोग की जरुरत
साहित्य के नाम की लड़ाई (क्या आप हमारे साथ हैं )साहित्य के नाम की लड़ाई (क्या आप हमारे साथ हैं )
नेक सलाह !
ReplyDeleteGyan Darpan
sachhi baat
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