रूठ जाते हैं मुझसे मेरे अपने ही और
मुझको मनाने मे जरा भी रुचि नहीं,
दिलचस्प हों भी अगर मुहब्बत की राहें,
क्या फायदा, जब दिल मे ही शुचि नहीं?
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
मुझे चाहिए इक ऐसा दूल्हा, घर मे फूक सके जो चूल्हा, करे जो मन, कभी झूलन को झूला, दर्द करे ना कोई उसका पिंडली, एंडी और कूल्हा, मुझे चाहिए इक...
सुंदर
ReplyDeleteNice Post. antiquity blue
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