Friday, March 6, 2026

परिभाषा

कुछ दर्द ऐसे भी होते हैं

कि जो फटते नहीं,

फासले अगर बढ़ने लगें

तो फिर घटते नहीं।

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आरज़ू

मंजूर तेरी हर ख्वाहिश, भले ही तू मेरे पास मत रहना, बस, इतनी सी आरज़ू है , अकेले तू उदास मत रहना।