तुझे न पा सकने का मुझे मलाल तो था,
क्यों न पा सका, दिल मे ये सवाल तो था,
न पा सकने की चाहे वजह कोई भी रही हो,
वो पल था,दिन था,महिना था और साल तो था।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
उसका स्वरूप हरदम सराहता हूं, जिस रोशनी को दिल से चाहता हूं, आश लगाए रहता हूं कि रोशनी कभी तो मेरे घर आएगी, अतिशय प्रेममय होकर आलिंगनबद्...
सुंदर
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