ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !
तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य में अन्याय होता दिखाई न दे, तो फिर क्या ऐसे नजरों से लाचार प्रतिनिधि को राजा बने रहने का कोई हक़ है? यदि उसे हमेशा किसी तीसरे ने ही आकर जगाना है, तो पूरे जंगलात के लिये यह निश्चिततौर पर एक बड़ी चिंता का विषय है। और इससे भी महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या उसे जगाने वाला भी वाकई ईमानदार प्रयास कर रहा है, या सिर्फ खानापूर्ति, ताकि सिर्फ सुहानुभूति बटोरने के लिए जंगल की तमाम वादी की आँखों मे धूल झोंक सके ? और ठीक इसी सन्दर्भ में श्रीमती सोनिया गांधी के उस पत्र को भी रखा जा सकता है, जो उन्होंने कल इस देश के प्रधानमन्त्री श्री मनमोहन सिंह को लिखा और जिसमे उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि आईएएस अधिकारी सुश्री दुर्गा शक्ति के साथ कोई अन्याय न हो। उत्तर प्रदेश में बैठे...
नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर दिया ! हमारे मुस्लिम समाज के कुछ तथाकथित बुद्धिजीवियों ने पिछले कुछ समय से इस हिन्दी जगत में न सिर्फ नफरत का आतंक फैला रखा है, अपितु अभी दो दिन पहले एक ने तो हिन्दू महिलाओं पर ही सीधे-सीधे अश्लील बातें अपने ब्लॉग के मार्फ़त यहाँ इस हिन्दी जगत पर लिख डाली ! जिसे में अपने पिछले लेख में उल्लेखित कर चूका हूँ ! ये दूसरे धर्मो की महिलाओं पर तो जो मर्जी बयानबाजी, आरोप, कटाक्ष और अश्लील भाषा अपनी गंदी जुबां से बयाँ कर डालते है, ( हाल में इनके एक तथाकथित विद्वान् का यहाँ उदाहरण दिया जा सकता है जिसने अपनी गंदी जुबा खोल पूरी महिला जाति का यह कहकर अपमान किया कि महिलाए तो सिर्फ बच्चे पैदा करने के लिए होती है!) मगर इन गंदी जुबान वालों ने कभी यह देखने की कोशिश नहीं की कि बुर्के में ढकी उनकी खुद की एक महिला को चांदनी चौक में खड़े होकर गोल गप्पे खाने में कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है! इनके एक बुद्धिजीवी ने कुछ महीनो पहले अपने महान धर्म की विशेषताए बताते हुए लिख...
हा हा!! हमें लगा फिल्म में चांस मिलेगा!
ReplyDeleteये भी खूब रही
ReplyDeleteअब मत डराओ भाई
ReplyDeleteहम तो समझे आप फ़िल्मी टाइटल गिना रहे हैं:)
ReplyDeleteAapne to SANSANI ki tarah TAG LINE banaa di .... bahoot badhiya..
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