...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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मेरा देश महान!
कुशल नेतृत्व और दृढ़ संकल्प के लिए ५६ इंच की छाती ढूंढते हैं, और रोज़मर्रा के संचालन के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति ढूंढते हैं
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ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
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तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य मे...
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...

अच्छा कार्टून !!!!
ReplyDeleteGreat question ! Can our honourable Prime minister be able to answer this?--I seriously doubt !
ReplyDeleteबेहतर लेखन !!!
ReplyDeleteसोचना बनता है
ReplyDeleteविभाजन हो गया है, देश का।
ReplyDeleteइसका जवाब वो मैडम से पूछ के देंगे ...
ReplyDeleteThis is a very entertaining picture. Pretty good post. I hope you post again soon. From Dont Be that guy
ReplyDeleteआज कल ऐसे नेताओं की भरमार है...मजेदार चित्रकारी और पोस्ट भी...धन्यवाद सर जी
ReplyDeleteअरे कामरेड गोदियाल आप कहा गायब हो गए।।।।।
ReplyDeleteऐसी कैसी नाराजगी भाई,,,,वापस आ जाओ,,,आपसे बहस करने का मजा ही कुछ और है ..
आ जाइये सर वापस