यूं भी बावफा होते है लोग !
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !
nice.thanks
ReplyDeleteआयर-लैंडी भ्रूण हो, हो असमय नहिं मौत ।
ReplyDeleteबचपन बीते नार्वे, मातु-पिता गर सौत ।
मातु-पिता गर सौत, हेकड़ी वहां भुला दे ।
यू के में पढ़ युवा, सेक्स ब्राजील खुला दे ।
शादी भारत आय, सके नहिं लेकिन कायर ।
बिता बुढापा जाय, सही सबसे है आयर ।।
:):) अब बच्चे ऐसे ही धमकाने वाले हैं ।
ReplyDeleteवहां जाकर बच्चे नहीं , पेरेंट्स को सुधारना पड़ेगा. :)
ReplyDeletesarthak post hetu aabhar
ReplyDeleteहम हिंदी चिट्ठाकार हैं
दराल साहब की बात सही है, नॉर्वे मे तो माँ-बाप का ही इलाज हो रहा है
ReplyDelete:-)
ReplyDeleteमरना थोड़े ही है!
बच्चे न जाने कब से जिद कर रहे हैं।
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