कार्टून कुछ बोलता है- जर्मन हाउसिंग लोन घोटाला !

Comments

  1. यहाँ पर बहुत कम नेता बचेंगे तब तो..

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  2. उनकी और हमारी नैतिकता का अंतर यही है... हमारी तरह ढोंग तो नहीं करते वे कम से कम..

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  3. काश यहाँ भी कुछ ऐसा होता ....

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  4. उत्‍कृष्‍ट प्रस्‍तुति।

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  5. हमारे देश के नेता विचारक और दार्शनिक जो हैं । वे सोचते हैं - "एक घोटाले के बाद इस्तीफ़ा देकर स्वयं को सुखों से वंचित क्यों करना। जहाँ एक किया वहां दो चार और घोटाले कर लूं। अपनी सात पुश्तों के लिए काला धन जमा कर लूं"। इन्हें पता है यहाँ भ्रष्टाचार के खिलाफ लडाई होती है , कार्यवाई नहीं होती। अतः वे सुरक्षित हैं। भारत में घोटालेबाजों को अभयदान जो प्राप्त है।

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  6. हमारे यहाँ तो रंगे पुते को भी उजला ही बताते.. बेशर्मी से दोषी पद पर बने रहते...

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  7. बेवकूफ़ है... भारतीय नेताओं से सबक लेते :)

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  8. भाई गोदियाल जी आपको एक डिजिटल पेन ख़रीद ही लेना चाहिये.☺

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  9. फ़िर देश लूटने/चलाने के लिये नेता कहाँ से आयेंगे?

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  10. यही फर्क है ..

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  11. पूरा भारत राष्ट्र नेता विहीन हो जायगा फिर तो ...

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