यूं भी बावफा होते है लोग !
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !
सटीक-
ReplyDeleteआभार आदरणीय-
बहुत बढ़िया -
Ghor kalyug hai bhaya...
ReplyDeleteghor kalyug.!.!.!.
:
ReplyDelete)
Workers are careless in his rein also.
ReplyDeleteयमदूत शायद भूल गया होगा कि यमलोक में भी बहन बेटियां रहती हैं?
ReplyDeleteरामराम.
सटीक है..
ReplyDeleteबहुत उम्दा प्रस्तुति आभार
ReplyDeleteआज की मेरी नई रचना आपके विचारो के इंतजार में
अर्ज सुनिये
आप मेरे भी ब्लॉग का अनुसरण करे
पहले नीचे से निपटाना था..
ReplyDeleteवाह, ऊपरी अदालत में समय से पहले ही ।
ReplyDeleteहा हा ले आए .... सच में .. या चला गया ...
ReplyDeleteawesome-****
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ReplyDeleteअब देखते हैं , वहां के कैदी क्या हाल करेंगे !