Wednesday, January 21, 2026

एहसास !

थप्पड खाकर वो 'डिस' उनकी

यूं, थोड़ी हमने भी चख दी थी,

बस, ग़लती यही रही हमारी कि

दुखती रग पर उंगली रख दी थी।



2 comments:

इल्तज़ा

  मोहब्बत मे, आंखों मे भर आए आंसुओं को गिरने न देना 'परचेत', क्योंकि प्यार के आंसू ही रूह की खुराक होते हैं।