...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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प्रलय जारी
चहुॅं ओर काली स्याह रात, मेघ गर्जना, झमाझम बरसात, जीने को मजबूर हैं इन्सान, पहाड़ों पर पहाड़ सी जिंदगी, फटते बादल, डरावना मंजर, कलयुग का यह ...

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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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स्कूटर और उनकी पत्नी स्कूटी शहर के उत्तरी हिस्से में सरकारी आवास संस्था द्वारा निम्न आय वर्ग के लोगो के लिए ख़ासतौर पर निर्म...
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पहाड़ी प्रदेश , प्राइमरी स्कूल था दिगोली, चौंरा। गांव से करीब दो किलोमीटर दूर। अपने गांव से पहाड़ी पगडंडी पर पैदल चलते हुए जब तीसरी कक्षा क...
जबरदस्त प्रहार किया है आपने !!
ReplyDeleteप्रभावशाली ,
ReplyDeleteजारी रहें।
शुभकामना !!!
आर्यावर्त (समृद्ध भारत की आवाज़)
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और ऊपर से गुण ये कि बंदर एकदम पालतू भी है जी
ReplyDeleteसुन्दर प्रस्तुति |
ReplyDeleteबढ़िया विषय |
शुभकामनायें ||
तीनो गुण एक ही व्यक्ति में,,,कमाल का व्यंग,,,,
ReplyDeleterecent post : जन-जन का सहयोग चाहिए...
बंदर जी की एक खासियत और भी है कि ये एक ही खानदान के परम पालतू भी हैं. बहुत सटीक.
ReplyDeleteरामराम
पाजी सानू नज़र नि आरेया ...
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