यूं भी बावफा होते है लोग !
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !

कार्टून बहुत कुछ बोलता है!
ReplyDeleteवाकई कार्टून कुछ क्या बहुत कुछ बोलता है !!
ReplyDeleteआभार-
ReplyDeleteझिंझोड़ते संवाद -
कार्टून समझ में आ जाए तो बोलता है नही तो
ReplyDeleteमात्र फोटो,,,,
recent post: कैसा,यह गणतंत्र हमारा,
You are absolutely right bro.
ReplyDeleteThanx for sharing with us.
बिल्कुल सही नब्ज पकडी.
ReplyDeleteरामराम
सही है, बुला लो भाई.
ReplyDeleteकिस किस को ले जाएगा
ReplyDeleteबीटिंग द रिट्रीट ऑन ब्लॉग बुलेटिन आज दिल्ली के विजय चौक पर हुये 'बीटिंग द रिट्रीट' के साथ ही इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह का समापन हो गया ! आज की 'बीटिंग द रिट्रीट' ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !
ReplyDelete:-)
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