यूं भी बावफा होते है लोग !
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !

हे भगवान हमारे बीनू फ़िरंगी को तो बख्श दो दुष्टों.
ReplyDeleteरामराम.
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ReplyDeleteगुरुवर मिड डे मील पर, पाले नव फरमान |
Deleteकुत्तों को पकड़ा रहे, पा जोखिम में जान |
पा जोखिम में जान, प्यार से उसे जिमायें |
खा के पहला ग्रास, अगर कुत्ता बच जाए |
आय जान में जान, किन्तु कुक्कुर कुल बढ़कर |
सरपट जाते भाग, पड़ें मुश्किल में गुरुवर ||
बहुत अच्छा कॉर्टून बनाया आपने।
ReplyDeleteसुन्दर
ReplyDeleteकमाल का कामयाब कार्टून ...
ReplyDeleteवाकई वह मिड डे मील देख कर ही भागा है ! कुत्ते समझदार होते हैं !
कार्टून उन बच्चों की दयनीय दशा याद दिलाता है जिनका काम खाये बिना भी नहीं चलता !
ReplyDeleteहे भगवान..
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