Wednesday, February 18, 2026

वाजिब सवाल !

सवाल ये नहीं है कि जवानी में हम क्यों जीने मरने की कसमें खाते हैं,

सवाल ये है कि साठ के बाद ही क्यों 'परचेत',दर्द भरे गीत पसंद आते हैं।

2 comments:

हकीकत

उजागर न होने दिया हमने  उजागर न करने के ऐब से, वाकिफ बहुत खूब थे हम, तुम्हारे छल और फरेब से।