जिन बच्चों को झूठ सिखाया जाता है उनकी नस्ल हिंसक होती है - भगवान बुद्ध !
वैसे फिलहाल इस तरह का लेख लिखने के कदाचित मूड मे न था, किन्तु इन्सान के आस-पास जब कुछ घट्नाये ऐंसी जन्म ले लेती है, जो कहीं उसके मानस पटल पर कुछ उद्वेलित भाव छोड जायें, तो निश्चिततौर पर इन्सान अपने आन्तरिक भावों को नियंत्रण मे रख पाने मे दिक्कत महसूस करता है. और ऐसा ही कुछ मै भी महसूस कर रहा था. इस पावन-भूमि पर समय-समय पर अनेक महापुरुषों ने जन्म लिया, और आज हम उन्हे भगवान के शीर्ष रखने की कोशिश इसीलिये करते हैं क्योंकि हजारों साल पहले उनके द्वारा सिखाया गया बौद्धिक, आद्ध्यात्मिक और व्याव्हारिक आचरण आज भी सौ प्रतिशत प्रसांगिक हैं, और समय की कसौटी पर एकदम खरा उतरता हैं. वो आज भी हमारे लिये प्रेरणास्रोत का काम करता है. भगवान बुद्ध भी अपने समय की एक ऐसी ही दिव्य, आलौकिक ह्स्ती थे, जिन्होने कहा था कि जिन बच्चों को झूठ सिखाया जाता है उनकी नस्ल हिंसक होती है . अभी कुछ दिनों पहले यानि १६ दिसम्बर, जिस दिवस को आज से ४० साल पहले भारत ने पाकिस्तान पर एक निर्णायक विजय प्राप्त की थी, और पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश), पश्चिमी पाकिस्तान से अलग हुआ था, उसके बारे मे भारतीय मीडिया की वेब साइटों पर खास कु...