शहीदों के प्रति भी इनकी मानसिकता में खोट है !
पिछले दो घंटे से भेल्ला बैठा था, सोचा क्यों ना एक यात्रा आज उन ब्लोगों की कर लूं, जिन्होंने हमारे इन अमर शहीदों के बारे में आज इस शहीद दिवस के सुअवसर पर लिखा है! अब आप कहोगे कि यहाँ भी तुम्हे साम्प्रदायिकता नजर आ रही है , लेकिन क्या करू , मुझे कडवे सच झुठलाने की आदत भी नहीं है! आपको विस्वास न हो तो आप खुद ही सत्यता का परिक्षण कर सकते है, सांच को आंच क्या ? आप देख सकते है ये ख़ास विरादरी के कुछ महान विद्वान् , ज्ञांता यहाँ सुबह से कुछ चुनिन्दा, इनके मन पसंद ब्लोग्स पर, दिन भर कूडा-करकट फेंकने में व्यस्त है! बटला हाउस एनकाउन्टर में मारे गए आतंकियों के पोस्ट्मोरटम में व्यस्त है, लेकिन इस ख़ास गुट के किसी एक भी माई के लाल ने अब तक एक टिपण्णी उन ब्लोगों पर जाकर अपने उन शहीदों को श्रधान्जली के तौर पर नहीं की ! तो यह क्या दर्शाता है, आप खुद अंदाजा लगा सकते है ?
यह ठीक बात है..
ReplyDeleteबडी दूर की कौडी लाये हैं……………।एक दम सटीक बात्।
ReplyDeleteभई शहीदों के प्रति हमारे मन में कोई खोट नहीं है। अमर शहीदों को शत-शत नमन।
ReplyDeleteजिसके दामन में जो होगा वही तो फेकेगा
ReplyDeleteThis comment has been removed by a blog administrator.
ReplyDeleteजिस के पास जो होगा वो ही दुसरो को देगा, इन के पास जो है वोही बांट रहे है जी.... इन की तरफ़ झांकना भी नही चाहता मै तो
ReplyDeleteजहाँ लोग राष्ट्र कि कीमत नहीं समझते थे वहां राष्ट्रभक्त आगे बढ़कर शहीद हुए हैं. यही हमारी विरासत है.
ReplyDeleteअनपढ़ बदमाश मूर्ख में भी राष्ट्रभक्ति का जज्बा आ जाता है जब वे शहीदों के प्रति सम्मान से खड़े होते हैं.
और क्या बोलूं..
This comment has been removed by a blog administrator.
ReplyDeleteसबके अपने-अपने शहीद होते हैं। उसी के अनुसार वे श्रद्धांजलि देते है। भारत के उस प्रत्येक शहीद को नमन जिसने भारत माता की सेवा में प्राणों की आहुति दी।
ReplyDeleteThis comment has been removed by a blog administrator.
ReplyDeleteशहीदों को शत् शत् नमन
ReplyDeleteसुन्दर भावों से सजी हुई पोस्ट!
ReplyDeleteराम-नवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ!